Bisalpur Dam बीसलपुर बांध छलकने के करीब, गेट खोलने की तैयारी: गांवों में अलर्ट जारी
राजस्थान के अजमेर, जयपुर, और टोंक जिलों की जीवनरेखा माने जाने वाले बीसलपुर बांध का जलस्तर गुरुवार को पूर्ण जलभराव के करीब पहुंच गया है। यह खबर पूरे इलाके में खुशी की लहर लेकर आई है, क्योंकि बांध से पानी छोड़े जाने की संभावनाएं बढ़ गई हैं। बीसलपुर बांध में तेजी से बढ़ रहे पानी की वजह से परियोजना अधिकारी गेट खोलने की पूरी तैयारी में हैं। इस साल यह सातवीं बार होगा जब बीसलपुर बांध का पानी छलकने की स्थिति में होगा।
गांवों में अलर्ट जारी
बांध की अधीक्षण अभियंता वी.एस. सागर की अध्यक्षता में एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें अभियंताओं ने बांध की स्थिति और पानी के बहाव को लेकर चर्चा की। इसके साथ ही बांध के डाउनस्ट्रीम क्षेत्र में बहने वाली बनास नदी के पास स्थित गांवों को सतर्क किया गया है। उन गांवों के निवासियों को नदी के पास न जाने की चेतावनी दी गई है, ताकि किसी भी प्रकार की जनहानि या पशु हानि से बचा जा सके। यह अलर्ट इसलिए जारी किया गया है क्योंकि पानी का बहाव तेज हो सकता है, जिससे आसपास के क्षेत्रों में बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
जलभराव और गेट खोलने की तैयारी
बांध का जलस्तर बहुत तेजी से बढ़ रहा है और कैचमेंट एरिया से पानी की आवक निरंतर जारी है। इस बार बीसलपुर बांध का जलस्तर 315.24 मीटर आरएल तक पहुंच चुका है, जबकि पूर्ण जलभराव के लिए 315.50 मीटर आरएल की आवश्यकता होती है। यानी बांध को छलकने के लिए अब लगभग 2 टीएमसी पानी और चाहिए। यह पानी अगले कुछ दिनों में कैचमेंट एरिया से आने की संभावना है, जहां भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, और राजसमंद जिलों में भारी बारिश हो रही है। इसके साथ ही खारी और डाई नदियों से भी बांध में पानी की आवक बनी हुई है। त्रिवेणी का गेज गुरुवार को 4.20 मीटर दर्ज किया गया, जो जलभराव की गति को बढ़ा रहा है।
गेट खोलने की योजना
बांध के अधिकारियों के अनुसार, शुक्रवार तक गेट खोलने की संभावनाएं हैं। बांध परियोजना के अभियंता लगातार बांध पर जाकर स्थिति का जायजा ले रहे हैं और कैचमेंट एरिया से पानी की आवक पर नजर रख रहे हैं। गेट खोलने से पहले बांध के पूर्ण जलभराव और पानी की आवक को ध्यान में रखते हुए, बनास नदी में छोड़े जाने वाले पानी की मात्रा का सही निर्णय लिया जाएगा। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि गेट खोलने के दौरान पानी का बहाव संतुलित हो और आसपास के क्षेत्रों में नुकसान न हो।
खुशी और सावधानी का माहौल
बांध के छलकने की संभावना से इलाके के लोगों में खुशी का माहौल है। बीसलपुर बांध इन जिलों के लिए पानी का एक महत्वपूर्ण स्रोत है, और इसके पूर्ण जलभराव से पेयजल आपूर्ति और सिंचाई की जरूरतों को पूरा करने में बड़ी मदद मिलेगी। हालांकि, भारी बारिश और बांध के गेट खोलने की तैयारी के बीच लोगों को सतर्क भी रहने की जरूरत है। प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया है, और गांवों में बाढ़ से बचने के लिए जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।
जल निकासी और संभावित प्रभाव
बांध परियोजना के अभियंता इस समय बांध से पानी की निकासी शुरू करने की पूरी तैयारी में हैं। बनास नदी में पानी की निकासी की प्रक्रिया के दौरान आसपास के गांवों को संभावित बाढ़ से बचाने के लिए सभी उपाय किए जा रहे हैं। इस बार का जलभराव बांध के आसपास के क्षेत्रों के लिए खुशियों की सौगात लेकर आएगा, लेकिन साथ ही इसके प्रभावों को ध्यान में रखते हुए लोगों को सतर्क रहना जरूरी है। प्रशासन ने सभी जरूरी एहतियात बरतने और बनास नदी के आसपास रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है।
अंतिम तैयारी और भविष्य की दिशा
बीसलपुर बांध की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। बांध के आसपास के इलाकों में लगातार बारिश होने के कारण पानी की आवक बढ़ रही है। अगर इसी तरह बारिश जारी रही, तो बांध के गेट खोलने की प्रक्रिया जल्द ही शुरू हो सकती है। परियोजना अधिकारी इस बात का ध्यान रख रहे हैं कि गेट खोलने के दौरान पानी का बहाव नियंत्रित रहे और लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो।
बीसलपुर बांध का पूर्ण जलभराव न केवल इन जिलों के लिए एक बड़ी राहत है, बल्कि यह यह सुनिश्चित करता है कि आने वाले महीनों में पानी की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा।